वीथी

हमारी भावनाएँ शब्दों में ढल कविता का रूप ले लेती हैं।अपनी कविताओं के माध्यम से मैंने अपनी भावनाओं, अपने अहसासों और अपनी विचार-धारा को अभिव्यक्ति दी है| वीथी में आपका स्वागत है |

Monday, 20 August 2012

तांका, हाइकु - ईद



इस ताँका के साथ आप सबको ईद मुबारक ! लीजिए हाइकु भी -

)
ईद का चाँद
सेवैयों की मिठास
मिला सवाब !

)
मेरी ईद हो
जो उसकी दीद हो
मिलें वो गले !

)
लेके आया है
अमन का पैगाम
ईद का चाँद।

)
पाक़ महीना
कर जाए पाकीज़ा
सदा के लिए !

)
हुई है दीद
चाँद नज़र आया
ज़हे नसीब !







27 comments:

  1. 'लेके आया है
    अमन का पैगाम
    ईद का चाँद'
    ईद के मौके पर सार्थक और सुंदर तांका तथा हाइकु.

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    1. हार्दिक आभार भारत जी। ईद मुबारक !

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  2. बहुत सुन्दर सुशीला जी.....
    आपको भी मुबारकबाद.....
    अनु

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    1. शुक्रिया अनु जी !

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    1. शुक्रिया आपको भी !

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  4. बहुत सुन्दर सुशीला जी... ईद मुबारक..

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    1. तहे दिल से शुक्रिया महेश्‍वरी जी । आपको भी ईद मुबारक !

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  5. बहुत खूबसूरत तांका और हाइकु ...

    मेरी ईद हो
    जो उसकी दीद हो
    मिले वो गले !... बहुत खूब

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    1. हार्दिक आभार संगीता जी।

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  6. ताँका हाइकु में लिखा ,ईद मुबारक बाद
    सुंदर प्रस्तुति लिए,कबूल करे मरी दाद,,,,,

    RECENT POST ...: जिला अनुपपुर अपना,,,

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    1. तहे दिल से आप का शुक्रिया जनाब
      उजले हो गए हर्फ़ आई है नई आब !

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  7. ईद का चाँद
    सेवैयों की मिठास
    पाया सवाब !
    बहुत खूब ! मीठा अहसास ! ईद मुबारक !

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    1. मीठे अहसास को साझा करने के लिए शुक्रिया विभा जी।

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  8. वाह .. कुछ ही शब्दों में ईद की मिठास को बाँध लिया है आपने ...
    गज़ब के हैं सभी हाइकू ...

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    1. आपकी सुंदर प्रतिक्रिया पा लेखन सार्थक हुआ दिगंबर नासवा जी। ह्रदय से आभार।

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  9. Replies
    1. शुक्रिया यशवंत जी ।

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  10. ईद मुबारक.

    आपकी भावना अच्छी लगी.
    अपने ब्लॉग वेद क़ुरआन की एक पुरानी पोस्ट पर आपका कमेंट देखा तो उसी के सहारे आज आपके ब्लॉग तक आया.
    http://vedquran.blogspot.in/2010/09/mandir-masjid-anwer-jamal.html

    आपका ब्लॉग फॉलो कर रहा हूँ.

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    1. बहुत-बहुत शुक्रिया DR.ANWER JAMAL जी।

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  11. Replies
    1. हाइकु पसंद करने के लिए हार्दिक आभार जयकृष्‍ण जी।

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  12. बहुत अच्छी पोस्ट। मरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है।

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  13. ईद पर ईद के चाँद-सा नहीं बल्कि पूर्णमासी के चाँद-सा खूबसूरत ताँका और हाइकु, बहुत बधाई सुशीला जी.

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  14. आपकी यह सुन्दर रचना दिनांक 18.10.2013 को http://blogprasaran.blogspot.in/ पर लिंक की गयी है। कृपया इसे देखें और अपने सुझाव दें।

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  15. पहुँच गए
    सुशीला जी हम भी
    आपके ब्लॉग
    सुंदर है जी तांका
    हाइकु लाजवाब

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  16. लेके आया है
    अमन का पैगाम
    ईद का चाँद।
    बहुत सुन्दर |
    नई पोस्ट महिषासुर बध (भाग तीन)
    latest post महिषासुर बध (भाग २ )

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